What is NEET Exam

NEET, JEE, CET

दोस्तो, यदी आप भविष्य मे डॉक्टर या इंजिनिअर बनना चाहते हो तो आपको १२ वि के बाद relevant colleges मे admission लेना पडेगा. जैसे की यदी आप डॉक्टर बनना चाहते हो तो मेडीकल कोलेज मे अडमिशन लेना पडेगा वैसे ही यादी आप इंजिनिअर बनना चाहोगे तो इन्जिनिअरिन्ग कोलेज मे अडमिशन लेना पडेगा.
Youtube पर इस विषय का Video देखे

इन सब मे बहोत competition होता है. इसके लिये सिर्फ १२ वि के मार्क्स पर निर्भर नही रहा जाता . इसके लिए कुछ  entrance exam से गुजरना पडता है. इन entrance exam के बाद सारी students की यादी बनाई जाती है. और ranking के अनुसार उन्हे कॉलेजेस दिये जाते है . तथा ranking के अनुसार ही अडमिशन होते है.

इन entrance exam मे सबसे महत्वपूर्ण ये तीन exam को माना जाता है

१)  NEET, 2) JEE 3) CET
इनमे NEET और JEE ये exams National Testing Agency (NTA), नाम की central government की शिक्षा मंत्रालय द्वारा स्थापित एक संस्था conduct करती है.
और CET exam हर स्टेट के हिसाब से अलग अलग होती है और वो सिर्फ उसी स्टेट के students के लिये होती है.

आईये अब जानते है हर exam को detail मे

जैसे की इन exams की Eligibility, Syllabus, Format, Scoring and Ranking, Application Process

  1. NEET (National Eligibility cum Entrance Test)

यदी आप डॉक्टर बनना चाहते हो, मेडिकल या डेंटल कॉलेजेस मे admission लेने के लिये NEET exam है.

1)      Eligibility :  छात्रों को Physics, Chemistry, Biology/Biotechnology, and English के साथ 12th की परीक्षा मे पास होना होगा.

2)  पाठ्यक्रम / Syllabus : एनईईटी पाठ्यक्रम में 11वीं और 12वीं कक्षा के पाठ्यक्रम के आधार पर Physics, Chemistry, and Biology (Botany and Zoology) के विषय शामिल हैं।

3)  प्रारूप/Format: परीक्षा में 180 multiple-choice प्रश्न (MCQ) होते हैं, जिनमें से फिजिक्स और केमिस्ट्री से 45-45 प्रश्न और बायोलॉजी से 90 प्रश्न होते हैं। परीक्षा की अवधि तीन घंटे की होती है।

  1. स्कोरिंग और रैंकिंग: प्रत्येक सही उत्तर के लिए उम्मीदवार को चार अंक मिलते हैं, जबकि प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक अंक काटा जाता है। कुल स्कोर उम्मीदवार की रैंक निर्धारित करता है, जिसका उपयोग मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए किया जाता है।
  1. आवेदन प्रक्रिया Application Process: उम्मीदवारों को official NTA NEET वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया में आमतौर पर व्यक्तिगत और शैक्षणिक विवरण भरना, आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करना और परीक्षा शुल्क का भुगतान करना शामिल होता है।
  1. काउंसलिंग और प्रवेश: परिणाम घोषित होने के बाद, योग्य उम्मीदवार अपनी रैंक और वरीयताओं के आधार पर विभिन्न मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में सीट आवंटन के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेते हैं।

NTA NEET एक अत्यधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षा है, जिसमें भारत भर के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में सीमित संख्या में सीटों के लिए हर साल लाखों छात्र शामिल होते हैं।

jee main

JEE (Joint Entrance Examination) भारत में आयोजित एक इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा है, जो देश भर के विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। इंजीनियरिंग के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए इसे सबसे चुनौतीपूर्ण और प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षाओं में से एक माना जाता है। जेईई को दो मुख्य भागों में विभाजित किया गया है: जेईई मेन और जेईई एडवांस।

जेईई मेन :

  1. उद्देश्य: जेईई मेन, National Institutes of Technology (NITs), Indian Institutes of Information Technology (IIITs), and other Centrally Funded Technical Institutions (CFTIs) में इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा के रूप में कार्य करता है। यह जेईई एडवांस के लिए प्रारंभिक परीक्षा के रूप में भी कार्य करता है।
  1. Conducting Body : राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) जेईई मेन आयोजित करती है।
  1. Exam Structure:

– PAPERS: जेईई मेन में दो पेपर होते हैं। पेपर 1 बी.ई./बी.टेक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए है, और पेपर 2 B.Arch and B.Planning पाठ्यक्रमों के लिए है।

– Format : पेपर 1 में Physics, Chemistry, and Mathematics से multiple-choice questions (MCQ) और numerical questions होते हैं। पेपर 2 को तीन भागों में विभाजित किया गया है: Mathematics, Aptitude Test, and Drawing Test (बी.आर्क के लिए) या Planning-Based Questions (बी.प्लानिंग के लिए)।

Mode : पेपर 1 के लिए परीक्षा कंप्यूटर-आधारित मोड में और पेपर 2 के ड्राइंग सेक्शन के लिए आंशिक रूप से ऑफ़लाइन आयोजित की जाती है।

  1. Frequency : JEE मेन साल में दो बार आयोजित किया जाता है, आमतौर पर जनवरी और अप्रैल में, जिससे छात्रों को अपने स्कोर सुधारने के दो अवसर मिलते हैं।
  1. पात्रता: उम्मीदवारों ने Physics, Chemistry, and Mathematics को मुख्य विषय के रूप में लेकर अपनी 12वीं कक्षा की शिक्षा पूरी की हो। इसके लिए विशिष्ट आयु और उत्तीर्ण होने के वर्ष की आवश्यकताएँ भी हैं।
Jee Advance

JEE एडवांस :

  1. उद्देश्य: JEE एडवांस परीक्षा का दूसरा चरण है, जो भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) में प्रवेश के लिए आयोजित किया जाता है।
  2. पात्रता: केवल जेईई मेन में top performers करने वाले (आमतौर पर शीर्ष 2,50,000 उम्मीदवार) ही जेईई एडवांस के लिए उपस्थित होने के पात्र हैं।
  1. संचालन निकाय: जेईई एडवांस का संचालन आईआईटी में से किसी एक द्वारा रोटेशनल आधार पर किया जाता है।
  1. परीक्षा संरचना:

पेपर: जेईई एडवांस में दो अनिवार्य पेपर होते हैं, जिनमें से प्रत्येक में तीन खंड होते हैं: Physics, Chemistry, and Mathematics.

– Format: पेपर में विभिन्न प्रकार के प्रश्न शामिल होते हैं, जैसे MCQ, संख्यात्मक उत्तर प्रकार के प्रश्न, और निम्नलिखित से मेल खाते हैं।

– Mode: परीक्षा कंप्यूटर आधारित मोड में आयोजित की जाती है।

 

  1. स्कोरिंग और रैंकिंग: जेईई एडवांस में प्रदर्शन रैंक निर्धारित करता है, जिसका उपयोग आईआईटी में प्रवेश के लिए किया जाता है।

तैयारी और महत्व

कोचिंग और स्व-अध्ययन: परीक्षा की प्रतिस्पर्धात्मक प्रकृति के कारण कई छात्र कोचिंग कक्षाओं और स्व-अध्ययन के संयोजन के माध्यम से JEE की तैयारी करते हैं।

महत्व: JEE में अच्छी रैंक भारत के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों के लिए दरवाजे खोल सकती है, जिससे उत्कृष्ट शैक्षिक और कैरियर के अवसर मिल सकते हैं।

कुल मिलाकर, JEE भारत में महत्वाकांक्षी इंजीनियरों के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा है, और इसमें सफल होने के लिए पूरी तैयारी आवश्यक है।

CET (कॉमन एंट्रेंस टेस्ट):

CET  एक standardized परीक्षा है जिसका उपयोग विभिन्न भारतीय राज्यों में इंजीनियरिंग, मेडिकल, डेंटल और अन्य क्षेत्रों सहित स्नातक व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश की सुविधा के लिए किया जाता है। प्रत्येक राज्य में CET का अपना संस्करण हो सकता है, और यह आमतौर पर संबंधित राज्य शिक्षा बोर्ड या प्राधिकरण द्वारा आयोजित किया जाता है। CET के बारे में कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

राज्य-विशिष्ट CET

  1. कर्नाटक CET (KCET)

संचालन निकाय: कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (KEA)

उद्देश्य: कर्नाटक भर के कॉलेजों में इंजीनियरिंग, फार्मेसी, कृषि, पशु चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों में विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश।

परीक्षा संरचना: भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित/जीव विज्ञान से बहुविकल्पीय प्रश्न।

  1. महाराष्ट्र CET (MHT-CET):

संचालन निकाय: राज्य सामान्य प्रवेश परीक्षा प्रकोष्ठ, महाराष्ट्र।

उद्देश्य: महाराष्ट्र भर के कॉलेजों में इंजीनियरिंग, फार्मेसी और कृषि पाठ्यक्रमों में प्रवेश।

परीक्षा संरचना: भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित/जीव विज्ञान से बहुविकल्पीय प्रश्न, दो पेपरों में विभाजित (गणित के लिए पेपर 1, भौतिकी और रसायन विज्ञान के लिए पेपर

पश्चिम बंगाल संयुक्त प्रवेश परीक्षा (WBJEE):

संचालन निकाय: पश्चिम बंगाल संयुक्त प्रवेश परीक्षा बोर्ड (WBJEEB)

उद्देश्य: पश्चिम बंगाल भर के कॉलेजों में इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, फार्मेसी और वास्तुकला पाठ्यक्रमों में प्रवेश।

परीक्षा संरचना: भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित से बहुविकल्पीय प्रश्न।

 

तमिलनाडु इंजीनियरिंग प्रवेश (TNEA):

अन्य के विपरीत, TNEA एक प्रवेश परीक्षा नहीं है, बल्कि तमिलनाडु में इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर एक counseling process है।

CET की सामान्य विशेषताएँ

  1. पात्रता: आम तौर पर, छात्रों को अपने उच्चतर माध्यमिक शिक्षा (12वीं कक्षा) को उस पाठ्यक्रम से संबंधित विशिष्ट विषयों के साथ पूरा करना चाहिए जिसके लिए वे आवेदन कर रहे हैं (उदाहरण के लिए, इंजीनियरिंग और मेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित/जीव विज्ञान)।
  1. पाठ्यक्रम: पाठ्यक्रम में आम तौर पर 11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ाए जाने वाले विषय शामिल होते हैं, जिसमें पाठ्यक्रम के आधार पर भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित और कभी-कभी जीव विज्ञान शामिल होता है।
  1. आवेदन प्रक्रिया: उम्मीदवारों को संबंधित राज्य की CET संचालन संस्था की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इस प्रक्रिया में आम तौर पर व्यक्तिगत और शैक्षणिक विवरण भरना, आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करना और परीक्षा शुल्क का भुगतान करना शामिल होता है।
  1. परीक्षा प्रारूप: CET आमतौर पर बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) परीक्षा के रूप में आयोजित की जाती है। प्रश्नों की संख्या, अंकन योजना और परीक्षा अवधि राज्य और विशिष्ट परीक्षा के अनुसार भिन्न हो सकती है।
  1. स्कोरिंग और रैंकिंग: CET में प्राप्त अंकों का उपयोग उम्मीदवारों को रैंक देने के लिए किया जाता है। इन रैंक का उपयोग काउंसलिंग प्रक्रिया में उम्मीदवारों की प्राथमिकताओं और अंकों के आधार पर विभिन्न कॉलेजों में सीटें आवंटित करने के लिए किया जाता है।

महत्व :

क्षेत्रीय प्रासंगिकता: CET विशेष रूप से राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश पाने के इच्छुक छात्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो अक्सर JEE या NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तुलना में अधिक स्थानीय और किफायती विकल्प प्रदान करते हैं।

पाठ्यक्रमों की विविधता: वे विविध शैक्षिक रुचियों और कैरियर आकांक्षाओं को पूरा करते हुए, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर करते हैं।

कुल मिलाकर, CET भारत में अपने संबंधित राज्यों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

Scroll to Top